Aawaara Angaara 歌詞
Aawaara Angaara - A.R. Rahman/Faheem Abdullah/Irshad Kamil
Lyrics by:Irshad Kamil
Composed by:Irshad Kamil
Produced by:A.R. Rahman
तेरी कायनात मेरे ख़ाली हाथ और तार-तार सपने
गए ज़ख़्म जाग मेरे सीने आग लगी साँस-साँस तपने
तेरी कायनात मेरे ख़ाली हाथ और तार-तार सपने
दर्दों से चूर ग़म का ग़ुरूर कहूँ क्या मैं हाल अपने
आवारा आवारा आवारा अंगारा
रातों में डूबा अंबर का बंजारा
जाने टूटा क्यूँ मैं शीशा ना तारा
तेरी कायनात मेरे ख़ाली हाथ और तार-तार सपने
गए ज़ख़्म जाग मेरे सीने आग लगी साँस-साँस तपने
कोई उधारी है सीने पे भारी है
पत्थर है या दिल है?
मैं ही अकेला हूँ मैं ही तो मेला हूँ
ये कैसी महफ़िल है?
रूठे सवेरें हैं आधे ये मेरे हैं
आधे हैं ये तेरे
तू है निगाहों में लावा है आहों में
पर सर्द शाम घेरे
आवारा आवारा आवारा अंगारा
आँसू हैं मेरे या पिघला है पारा?
जाने टूटा क्यूँ मैं शीशा ना तारा
मेरे इम्तिहान तू जो ले रहा है
अब ना रियायतें कर
मैंने इश्क़ सिखा मैंने प्यार सिखा
तू चाहे नफ़रतें कर
मैंने दिल दिया है मैंने दुख लिया है
तू सौदा ही मान ले पर
मेरे इम्तिहान तू जो ले रहा है
अब ना रियायतें कर
आवारा आवारा आवारा अंगारा
अंगारा
रातों में डूबा अंबर का बंजारा
बंजारा
जाने टूटा क्यूँ मैं शीशा ना तारा
मेरे इम्तिहान तू जो ले रहा है
अब ना रियायतें कर
मैंने इश्क़ सिखा मैंने प्यार सिखा
तू चाहे नफ़रतें कर